कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में रात भर भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया, जिससे जनजीवन लगभग ठप हो गया है। इस दौरान करंट लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गयी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारी बारिश को ‘अभूतपूर्व’ बताया तथा फरक्का बैराज से गाद न निकालने एवं निजी बिजली कंपनी सीईएससी की चूक की आलोचना की। साथ ही उन्होंने लोगों से अपनी सुरक्षा के लिए घरों के अंदर रहने की अपील की। ममता ने एक बंगाली समाचार चैनल से कहा, ‘मैंने ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी। मुझे उन लोगों के लिए बहुत दुख हो रहा है जिन्होंने बादल फटने के कारण अपनी जान गंवाई है। मैंने सुना है कि खुले तारों से करंट लगने से सात-आठ लोगों की मौत हो गई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है… उनके परिवारों को सीईएससी द्वारा नौकरी दी जानी चाहिए। मैं यह स्पष्ट रूप से कह रही हूं। हम भी हरसंभव मदद करेंगे।’ अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए, जिससे यातायात, सार्वजनिक परिवहन और दैनिक गतिविधियां ठप हो गयीं। पटरियों पर जलभराव के कारण शहर और उपनगरों में ट्रेन और मेट्रो रेल सेवाएं बाधित हुईं। आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और शहर में कई घरों और आवासीय परिसरों में पानी घुस गया। अधिकांश मुख्य सड़कों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पार्क सर्कस, गरियाहाट, बेहाला और कॉलेज स्ट्रीट जैसे प्रमुख चौराहों पर घुटने से कमर तक पानी भरा है, जिससे वाहन घंटों तक फंसे रहे। ईएम बाईपास, एजेसी बोस रोड और सेंट्रल एवेन्यू पर लंबे समय तक यातायात जाम की सूचना मिली, जबकि दक्षिण और मध्य कोलकाता की कई छोटी-छोटी गलियों में कमर तक पानी भर गया, जिससे वहां आवाजाही बाधित हो गयी है।
