गाज़ा : गाज़ा की नींद तब टूट गई जब आसमान से बमों की बारिश होने लगी। इज़राइल की ओर से किए गए भीषण हवाई और तोपखाने हमलों ने शहर को दहला दिया। इस हमले में अब तक 65 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें एक ही परिवार के 14 सदस्य भी शामिल हैं। नजारा इतना भयावह था कि मलबे में दबे शवों को पहचानना तक मुश्किल हो गया। अल जज़ीरा की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। गाज़ा सिटी और इसके उत्तरी इलाकों पर किए गए इन हमलों ने कई आवासीय इलाकों को खंडहर में तब्दील कर दिया है। सबसे ज्यादा नुकसान अत्त-तवाम और दराज इलाकों में देखा गया, जहां इज़राइली हमलों ने घरों को मलबे में बदल दिया। गाज़ा के स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इज़राइल ने केवल हवाई हमले ही नहीं किए, बल्कि तोपों से भी गोलाबारी की गई। इससे गाज़ा के उत्तरी हिस्से और सिटी एरिया में व्यापक विनाश हुआ है। हमले इतने तीव्र थे कि दर्जनों इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं।गाज़ा सिटी के दराज इलाके में एक ड्रोन हमले में एक बच्चे की मौत की भी पुष्टि हुई है। इस हमले में कई अन्य नागरिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज फिलहाल सीमित संसाधनों वाले स्थानीय अस्पतालों में किया जा रहा है।फिलिस्तीनी संगठन हमास ने इज़राइली कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक समुदाय की चुप्पी और निष्क्रियता ने इज़राइल को इस तरह के हमले करने के लिए बढ़ावा दिया है। हमास के प्रवक्ताओं ने कहा कि, “यह केवल एक हमला नहीं, बल्कि नरसंहार और जबरन विस्थापन की रणनीति है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समर्थन की चुप्पी से ताकत मिल रही है।”
