लुधियाना : पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से जारी हैं, जहां राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हजारों परिवार विस्थापन और तबाही का सामना कर रहे हैं, लेकिन पंजाब की हिम्मत और एकजुटता इस आपदा में भी अडिग खड़ी है। लुधियाना जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। जिले के पूर्वी हिस्से में सतलुज नदी का पानी तेज़ी से बहने के कारण बांध पर भारी दबाव बना हुआ है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि बांध और कमजोर हुआ तो कई गांव डूब सकते हैं।खतरे वाले गांवों में ससराली, बूँट, रावत, हवास, सीरा, बूथगढ़, मंगली टांडा, ढेरी, ख्वाजके, खस्सी खुर्द, मंगली कादर, मटेवाड़ा, मंगट और मेहरबान शामिल हैं। प्रशासन ने निचले और एक मंजिला मकानों में रहने वालों को ऊपरी मंजिलों पर जाने या सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से शरण लेने की सलाह दी है। राहत केंद्र सत्संग घरों (राहों रोड, चंडीगढ़ रोड और टिब्बा रोड) पर बनाए गए हैं। इसके अलावा कैलाश नगर, खस्सी कलां, भूखरी, मटेवाड़ा के स्कूलों और मंडियों में भी शरण स्थलों की व्यवस्था की गई है।
